पहले भी समंदर से लाया है आरडीएक्स और एके 47
विवेक अग्रवाल
दिल्ली में सईद अंसारी उर्फ जबाउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदा उर्फ अबू जिंदाल की गिरफ्तारी होने से सुरक्षा एवं जांच एजंसियों के हाथ में 26-11 मुंबई आतंकी हमले के संबंध में काफी सारी जानकारियां मिलने की संभावना बन गई है। इसकी तलाश में तमाम खुफिया और जांच एजंसियां लगी हुई थीं। इस अबू जिंदाल द्वारा 26-11 के हमलावरों को हिंदी भाषा और स्थानीय तौरतरीके सिखाने की जानकारी सामने तो आ रही थी लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। यह पुख्ता जानकारी मिल गई है कि जबाऊद्दीन अंसारी ही अबू जुंदाल है।
यह बात और है कि पहले औरंगाबाद और बीड़ का नाम सामने आ रहा था कि अबू जुंदाल वहां
का रहने वाला है। सन 2006 में मालेगांव मनमाड़ रोड पर हथियारों और एके 47 का जखीरा बरामद
हुआ था। यह जखीरा अनकाई किले के पास से बरामद हुआ था। उसमें पुलिस ने 4 आरोपियों को
गिरफ्तार किया था, जिनमें मीर शेख, जुबेर सैय्यद, डा. शफीक भी नाम हैं।
कहते हैं कि ये सारा गोला-बारूद उसने रायगढ़ के तटों पर उतारा था। ये हथियार और
बारूद असल में अबू जुंदाल तब भी कराची से गुजरात के रास्ते समंदर से ही महाराष्ट्र
के तटों तक लाया था। मालेगांव के आजादनगर थाने में इसका मामला भी दर्ज हुआ था। मालेगांव
के डा. शफीक को पुलिस ने गिरफ्तार किया था क्योंकि उसने अपने साले की दुकान में ये
हथियार और गोलाबारूद छुपा कर रखा था।
जबाऊद्दीन का इरादा मालेगांव समेत आसपास के इलाकों में ये घातक जखीरा भेज कर
बड़ै पैमाने पर कल्तेआम मचाने का था। उसने कुछ और स्थानीय युवकों को अपने साथ मिला कर
बड़े पैमाने पर फिदायीन हमले करने की योजना तैयार की थी। वह कई इलाकों में बमकांड करने
की तैयारी में था।
जबाऊद्दीन के आवाज के नमूने चूंकि पुलिस के पास नहीं हैं लेकिन चूंकि उसकी आवाज
उसके साथियों ने सुनी हुई है, इसलिए उन्हें अबू जुंदाल के नाम से मुंबई हमलवारों से बातें करने वाले व्यक्ति
की आवाजें सुनाईं और पहचान लिया कि ये
आवाजें जबाऊद्दीन की हैं, इससे उसकी अबू जुंदाल के रूप में शिनाख्त की कोई गुंजाईश
ही नहीं रह गई।
सईद अंसारी उर्फ जबाउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदा उर्फ अबू जिंदाल की गिरफ़्तारी जाँच एजेंसियों के लिये एक बड़ी सफलता ...
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