विक्की गोस्वामी को स्टिंग ऑपरेशन ने करवाया गिरफ्तार

विक्की के साथ चार पकड़े
विक्की गोस्वामी और ममता कुलकर्णी के अलावा इस मामले में जिनके नाम सामने आ रहे हैं, उनमें एक बेहद खतरनाक नाम है। बक्तश अकशा जो कि कीनिया के बदनाम नशा तस्कर इब्राहीम अकशा का बेटा है। इब्राहिम की कुछ समय पहल मौत हो चुकी है। बक्तश अकशा अब्दल्ला अब अपने पिता का कारोबार संभाल रहा है।

इनकी गिरफ्तारी 9 नवंबर 2014 को हुई थी। इस गिरफ्तारी में मुख्य भूमिका निभाने वाले अमरीकी नशा रोधी एजंसी (डीईए) और मोंबासा पुलिस की थी। इस खतरनाक आपरेशन में एफबीआई भी शामिल हुई और कई देशों में इन सबकी तलाश करने के बाद तीन महाद्वीपों में पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई।

अदालत में पेश दस्तावेजों में पुलिस ने विक्की को बक्तश अकशा का खास सहयोगी बताया है। बता दें कि बक्तश अकशा के भाई इब्राहिम को पहले ही एक पाक नागरिक गुलाम हुसैन के साथ पुलिस ने नशा तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे ठूंस रखा है।

ममता कुलकर्णी हिरासत में
ममता कुलकर्णी को भी मोंबासा पुलिस ने हिरासत में ले लिया क्योंकि वह भी कीनिया में विक्की के साथ ही रहती है। उससे भी गहन पूछताछ की जा रही है। उस पर अभी तक किसी किस्म के आरोप नहीं लगाए हैं और न ही अधिकृत रूप से गिरफ्तार किया है।

यह संभावना भी जताई जा रही है कि ममता कुलकर्णी का यदि इस खतरनाक खेल में जरा भी सहयोग होना पाया जाता है तो उसे भी अमरीकी दबाव में मोंबासा पुसिस गिरफ्तार कर सकती है। कीनिया सरकार के सामने अमरीकी सरकार ने आधिकारिक रूप से ममता समेत सभी गिरफ्तार नशा तस्करों के प्रत्यर्पण की मांग रखी है।

From left Baktash Akasha Abdhallah, Ibrahim Akasha, Vijaygiri Anandgiri Goswani, Kulam Hussein at Mombasa law court. Photo Courtesy - ELKANA JACOB

कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि ऐसा होता है कि इनका प्रत्यर्पण किया जाएगा तो ममता को विक्की का महज सहयोगी होने के कारण भारत भेजा जा सकता है। उस पर अगर नशा तस्कर गिरोह में शामिल होने के सबूत मिलते हैं तो ही अमरीका भेजने की स्थिति बनेगी।

मोंबासा के राष्ट्रीय पुलिस कमांडर रॉबर्ट कितूर ने इन गिरफ्तारियों पर मुहर लगा दी है। उनके मुताबिक आरोपियों को अलग अलग पुलिस थानों में पूछताछ के लिए भेजा है।

विक्की को स्टिंग ऑपरेशन ने करवाया गिरफ्तार

डीईए के कुछ खुफिया एजंटों ने कई महीनों की महनत के बाद इस गिरोह में घुसपैठ की। उसके बाद उनके एजंटों ने नशे की कुछ खेप के सौदे इस गिरोह से किए। इस खेल में विक्की भी फंस गया।

चार माह तक चले इस स्टिंग ऑपरेशन में सबके खिलाफ सबूत तैयार हुए। इसके बाद डीईए अधिकारियों ने मोंबासा पुलिस को सबूतों के साथ इस गिरोह के बारे में जानकारी दी और उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाने मे सहयोग मांगा था।

मोंबासा पुलिस सूत्रों के मुताबिक विक्की के खिलाफ अमरीकी अदालत से गिरफ्तारी वारंट पहले से ही जारी है। मोंबासा पुलिस ने इस वारंट के बारे में कहा है कि वे इसकी तामील करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बता दें कि विक्की गोस्वामी के खिलाफ पहले से ही इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी है।

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