मीरा रोड में गिरोह युद्ध : बंटी प्रधान जेजे हत्याकांड का आरोपी था

विवेक अग्रवाल
मुंबई, 15 अप्रैल 2015

सोमवार की रात होटल पुष्पक के बाहर आनंद धनसिंह प्रधान उर्फ बंटी प्रधान की गोली मार कर हत्या के मामले में न केवल पुलिस अभी तक अंधेरे में ही हाथ-पांव मारती दिख रही है बल्कि पूछताछ और जांच का दायरा भी उसी के साथियों के इर्दगिर्द सिमटने के कारण असली हत्यारों को बचने का मौका मिलता दिख रहा है।

बंटी का दोस्त हिरासत में, मुंबई अपराध शाखा की पूछताछ जारी
बंटी का साथी सचिन बुरी तरह घायल है लेकिन उससे अब पुलिस ने पूछताछ कर कुछ जानकारियां हासिल की हैं। वह अभी भी सेवन इलेवन अस्पताल में ही बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज करवा रहा है। बंटी के तीसरे दोस्त जमींदार खान को मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए है। जमींदार से जौ भी जानकारियां हासिल हुई हैं, उनके आधार पर जांच का दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है लेकिन अभी तक कुछ खास हाथ नहीं लगा बताते हैं।
घटनास्थल, जहां बंटी प्रधान को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी

ˆजांच जारी, हाथ रीते
मुखबीरों और अन्य गिरोहों के गुंडों की मदद भी किसी काम नहीं आई है। मीरा रोड पुलिस के चारों थानों के कई दस्ते यह हत्याकांड सुलझाने में लगे ही है, अपराध शाखा के अधिकारियों ने भी कमान संभाल रखी है। इसके अलावा मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों का एक दस्ता भी इस काम में जुटा हुआ है।

ठाणे जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश अंबुरे जांच की कमान संभाले हैं लेकिन यह माना जा रहा है कि हत्याकांड चूंकी दाऊद गिरोह के सेनापति छोटा शकील के इशारे पर हुआ है, इसके चलते ठाणे जिला पुलिस इस मामले में अधिक काम कर नहीं पा रही है।

गोली चली तो साथी भाग निकले
बता दें कि बंटी प्रधान अपने दोस्तों सचिन मनोहर विजयकर, राजेश जौहरी और जमींदार खान के साथ पुष्पक बार में खाना खाने आया था। श्री अंबुरे के मुताबिक बंटी अपने दोस्तों के साथ पुष्पक बार में शाम 7.40 बजे पहुंचा था। जब वो बाहर निकला तो हमलावरों ने करीब से उस पर चार गोलियां दागीं और भाग निकले थे।


यह भी पता चला है कि मौके पर जब गोलीबारी हुई तो बंटी के साथी 40 वर्षीय जमींदार खान और राजेश जौहरी वहां से भाग निकले थे। पुलिस के मुताबिक बंटी के माथे और पेट के निचले हिस्से में कुल दो गोलियां लगी हैं। एक गोली 32 वर्षीय सचिन को लगी थी। उसका इलाज जारी है। एक गोली वहीं खड़ी सीआईएसएफ जवान की कार में भी लगी थी।

वह कार जो हत्या से पहले बंटी प्रधान चला रहा था

जेजे हत्याकांड का आरोपी रहा है बंटी

पुलिस न केवल बंटी को आपराधिक पृष्ठभूमि का बता रही है बल्कि इसी कोण से जांच भी कर रही है कि कहीं उसकी हत्या में कोई और गिरोह तो शामिल नहीं है या कोई पुरानी दुश्मनी तो नहीं है।

बंटी प्रधान मुंबई के चार बंगला इलाके का निवासी था। बंटी पर 29 आपराधिक मामले मुंबई और ठाणे जिलों के तमाम पुलिस थानों में दर्ज होने की जानकारी मिली है। यह भी पता चला है कि एक मामले में बंटी दिल्ली पुलिस का वांछित घोषित आरोपी है। बंटी पर 1986 में कृष्णा तोड़नकर हत्याकांड में शामिल होने का आरोप भी है। 

बंटी प्रधान मुबंई के सबसे खतरनाक और दिल दहला देने वाले जेजे हत्याकांड में भी शामिल रहा है। जेजे हत्याकांड में इसका नाम शामिल रहा है। जेजे ह्त्याकांड में गिरोह सरगना दाऊद इब्राहिम कासकर ने बदला लेने के लिए अरुण गवली गिरोह के सुपारी हत्यारे शैलंष हलदणकर को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी सुभाष सिंह ठाकुर को दी थी। इस कांड में बच्ची पांडे और बाबा गेब्रीयल समेत कुछ कांग्रेसी नेताओं की भी भूमिका रही थी। इसमें बंटी ने भी शिरकत की थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक 1995 में बच्ची पांडे के साथ ही बंटी प्रधान भी टाडा के तहत गिरफ्तार हुआ था।

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